आपको बता दें मामला जनपद हापुड़ के कोतवाली पिलखुवा क्षेत्र के गांव गालंद में मिली एक महिला की अधजली लहास से जुड़ा है जहां कई महीने पहले( गालंद )के रजवाहे में एक महिला की अध जली लहास मिली थी तथा आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पा रहा था पुलिस गोपनीय तरीके से उसकी जांच कर रही थी।
इसी शक में पुलिस ने गांव लाखन निवासी प्रदीप तोमर को पूछताछ के लिए उठाया था 23 अक्टूबर को पुलिस कस्टडी में प्रदीप तोमर की मौत होगयी थी जिसमें प्रदीप तोमर के अलावा और भी कई आरोपियों को पुलिस उठा कर लाई थी तथा उन्हें सुबह को जेल भेज दिया था।
पुलिस की थर्ड डिग्री देने से हुई प्रदीप तोमर की मौत के मामले में सीओ कोतवाल चौकी इंचार्ज सहित सात पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था और लखनऊ तक घमासान मच गया था प्रदीप के परिजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से भी मिले थे मुख्यमंत्री ने पूरा आश्वासन दिया था आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तभी से ही गोपनीय तीन टीमें बनाई गई थी जिसके चलते आज पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश किया।